प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है !
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओ से फसल को होने वाले नुकसान पर बीमा के माध्यम से किसानो को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना व किसानो की आय मे सुधार इत्यादि है !
भारत सरकार के कृषि ,सहकारिता एंव कृषक मंत्रालय द्वारा इस योजना का संचालन किया जाता है !
तथा उक्त योजना केन्द्र व राज्य सरकार की आपसी सहभागिता से देश के लगभग सभी राज्यो मे संचालित है !
इस योजना का किर्यान्वयन सम्बन्धित राज्य सरकार के कृषि विभाग द्वारा किया जाता है !
इसमे प्रीमियम पर दी जाने वाली सब्सिडी अधिकतर राज्यो मे केन्द्र व राज्य के बीच 50 :50 हिस्सेदारी है तथा भारत के पूर्वोत्तर राज्यो यह 90: 10 है !
वर्तमान मे संचालित " प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना माननीय प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी द्वारा 2016 मे शुरुआत की गयी !
वर्ष 2020 मे इस योजना को अधिक बेहतर व किसानो को इस महत्वपूर्ण योजना का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके व कृषि श्रैत्र मे आमूल चूल परिवर्तन व सुधार हो सके व किसानो की आय मे सुधार व ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके इस बाबत महत्वपूर्ण सुधार के साथ ,
भारत सरकार एक नयी मार्गदर्शिका 2020 जारी की गयी !
तथा इसमे पहली बार स्वैच्छिक आधार पर लागू किया गया है !
इसी वर्ष 2022 मे किसानो को फसल बीमा पाॅलिसी देने हेतु एक डोर टू डोर अभियान चलाया गया " मेरी पाॅलिसी मेरे हाथ "
केन्द्र सरकार के कृषि, सहकारिता एंव कृषक कल्याण मंत्रालय के द्वारा जारी दिशानिर्देश के सम्बन्धित राज्य सरकारे अपने राज्य मे PMFBY को लागू करने हर वर्ष खरीफ व रबी फसल हेतु लगभग जून माह मे अधिसूचना जारीवकरती है ,
उसी के तहत राजस्थान सरकार द्वारा खरीफ 2022 व रबी 2022 - 23 हेतु 17 जून 2022 को अधिसूचना जारी की गयी है , जो इस वर्ष के खरीफ व रबी फसलो के अधिसूचित क्षेत्र व अधिसूचित फसल पर बीमा पाॅलिसी के लिये मान्य है !
केन्द्र सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शिका व राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना मे इस हेतु विस्तृत व बेहतरीन रूप से स्पस्ट प्रावधानो, नियमो व शर्तो का उल्लेख कर के कृषि क्षेत्र के उत्थान व किसानो के हितार्थ संचालित किया जा रहा है !
योजनाओ के किर्यान्वयन हेतु बीमा कम्पनी का चयन निर्धारित नियमानुसार चयन होता है !
राजस्थान मे योजनाओ के किर्यान्वयन हेतु 33 जिलो 10 कलस्टर मे विभाजित कर प्रत्येक कलस्टर के लिये अधिसूचित की गयी बीमा कम्पनी द्वारा उस क्षैत्र/ जिलो मे किर्यान्वयन किया जाता है !
जिसका विवरण सम्बन्धित अधिसूचना मे विस्तृत रूप से उल्लेख है
फसलो के क्षति का आंकलन / निर्धारण / भुगतान को बेहद महत्वपूर्ण रूप से उल्लेख किया गया है !
जिसमे कुछ प्रावधान निम्न प्रकार से है !
क - प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियो के कारण अधिसूचित फसल की बुवाई न कर पाना / बाधित/ निष्फल बुवाई की स्थिति ( केवल खरीफ हेतु ) ,
ख ( 1) - अधिसूचित क्षेत्र आधार पर,
ख ( 2) - व्यक्तिगत आधार पर ,
इस स्थिति मे फसल की क्षति का आंकलन व्यक्तिगत बीमित फसल के कृषक के स्तर पर किये जाने का प्रावधान है !
ग - स्थानिक आपदाओ के आधार
ख ( 2 ) व ग मे वर्णित प्रभावित किसान व किसानो को 72 धण्टे मे सीधे बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर सूचना देना आवश्यक है ! अथवा लिखित मे अपने बैंक/ कृषि विभाग के अधिकारियो/ जिला पधाधिकारियो के माध्यम से सूचित करना आवश्यक है !
अगर 72 घण्टे मे कृषक द्वारा पूर्ण सूचना उपलब्ध नही करवाई जाती है तो सात दिवस मे पूर्ण सूचना निर्धारित प्रपत्र बीमा कम्पनी को आवश्यक रूप से उपलब्ध करवाना आवश्यक है !
इसमे तात्कालिक सहायता का भी प्रावधान है !
इसमे खदीफ 2022 बुबाई के स्टेप के बाद फसलो के मिड सीजन के दौरान किये जाने वाला " मीड सीजन सर्व " भी सम्पूर्ण राजस्थान मे नियमानुसार होने के बाद
अभी वर्तमान सितंबर से अक्टूबर 2022 के मध्य विभिन्न जिलो मे विभिन्न फसलो हेतु निर्धारित " क्रोप कंटिग सर्व " संचालित होने को है !
जो अधिसूचित क्षेत्र के फसल मे नुकसान के आंकलन हेतु निर्धारित है!
स्थानिक आपदाओ तथा फसल कटाई उपरांत होने वाले नुकसान का प्रावधान भी है !
स्थानिक आपदाओ ( ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव, बादल फटना व आकाशीय बिजली गिरने के प्राकतिक आग व फसल कटाई उपरांत आगामी 14 दिनो मे खेत मे सुखाने हेतु रखी गयी कटी हुई फसल चक्रवर्ती बरसात ,ओलावृष्टि, बेमौसमी वर्षा का व्यक्तिगत बीमित फसली कृषक स्तर पर आंकलन हेतु हेतु ,
कृषि विभाग के कार्मिक, बीमा कम्पनी का मनोनीत क्षति मूल्यांकन कर्ता व संबंधित कृषक की संयुक्त समिति का प्रावधान है !
क्रपया अधिसूचित फसल क्षेत्र के आधार क्षति के आंकलन हेतु CCS के दौरान नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित हो सके कृषक वर्ग विशेष ख्याल रखे !
तथा अगर व्यक्तिगत व स्थानिक आपदाओ के कारण दुर्भाग्यपूर्ण किसी कृषक मित्र को अपनी फसल का नुकसान होने पर निर्धारित प्रपत्र/ परिशिष्ट सं 6 आपको आसानी से सुलभ हो सके प्रेषित है !
उक्त योजना के सफल किर्यान्वयन व किसानो के सहायतार्थ विभिन्न स्तर कमेटियो के साथ मुख्य रूप से जिले लेवल पर श्रीमान जिला कलेक्टर की अध्यक्षता मे कमेटी या शिकायत निवारण कमेटी का भी गठन किया गया है !
" जिला स्तरीय निगरानी समिति तथा जिला लेवल शिकायत निवारण समिति को विभिन्न दायित्व व अधिकार प्रदत किये गये है !
किसान अपनी महत्वपूर्ण जानकारी व आवश्यक कार्रवाई व शिकायत दर्ज करवा सकते है !
अधिक व विस्तृत जानकारी के लिये
भारत सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शिका व राजस्थान सरकार द्वारा अधिसूचना का अवलोकन अवश्य करावे तथा अधिकृत बेबसाइट पर यथा यथा समय जारी नियमो , निर्देशो व सूचनाओ का अवलोकन अवश्य करावे !
अपने फसल बीमा से सम्बन्धित प्रत्येक दस्तावेज व किये पत्र व्यवहार व सूचना को अवश्य सुरक्षित व संभाल कर रखना आदत बनाये व जागरूक व उन्नतिशील किसान देश के विकास मे महत्वपूर्ण भूमिका अदा करे !
तथा सरकार द्वारा किसानो के हितार्थ अति महत्वपूर्ण व लोककल्याणकारी योजना के बारे सही रूप से जानकारी व पालना कर स्वंय व सभी किसानो भाईयो तक लाभ पंहुचे तथा किसान सशक्तिकरण व सम्बल किसान बने की राह देश मे आगे बढे सके ,विशेष ख्याल रखे !
इसी निवेदन के साथ !
आपका बहुत बहुत आभार व धन्यवाद!
जय हिन्द ????????
रामदेव पोटलिया,
एडवोकेट,
राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर,
93529 10802,
9461242026

share your query now