माननीय न्यायालय द्वारा उक्त आदेश से हजारो शिक्षको को अन्तर जिला स्थानांतरण मे प्रदान की बङी राहत
माननीय न्यायालय ने फैसले को किया REPOERTBLE
याचिकाकर्ता राजेश ( महिला शिक्षिका ) की ओर से अधिवक्ता रामदेव पोटलिया ने की पैरवी
माननीय न्यायालय के फैसले के मुख्य बिन्दु इस प्रकार है
1. श्रीमान निदेशक महोदय द्वारा शिक्षा विभाग जयपुर द्वारा जारी दिशानिर्देश की गलत व्याखा कर याचिकाकर्ता विधवा महिला शिक्षिका करीब 15 वर्षों से जैसलमेर मे पदस्थापित है , महिला शिक्षिका की स्थानांतरण की याचिका स्वीकार करते हुऐ गृह जिले झूंझनू स्थानांतरित करने का पारित किया उचित आदेश !
2. राज्य के प्रतिबन्धित जिलो से शिक्षको के स्थानांतरण सामान्य जिलो मे नही करने के सरकार व शिक्षा विभाग के नियमो व दिशानिर्देशो को न्यायसंगत नही मानते हुऐ,
राजस्थान के समस्त जिलो मे अन्तर जिला स्थानांतरण के लिये शिक्षको व कार्मिक हकदार तथा स्थानांतरण को न्यायोचित बताया !
3. IAS जैसे प्रशासनिक अधिकारी द्वारा राज्य सरकार के द्वारा विधवा महिला को स्थानांतरण मे वरीयता व राहत देने सम्बन्धित नियमो व दिशानिर्देशो की गलत व्याखा करने, लापरवाही व दोषपूर्ण कार्यशैली तथा विभाग के अधीन कार्यरत विधवा महिला शिक्षिका की गंभीर परिस्थितियो को दरकिनार व विधवा महिला के बार बार याचिका हेतु मजबूर करने पर 10,000 का COST लगाने का उचित आदेश पारित किया है !
दस हजार रूपये निदेशक महोदय ( IAS अधिकारी ) से राज्य सरकार वसूल कर याची महिला को प्रदत्त का न्यायाचित आदेश किया पारित!
रामदेव पोटलिया एडवोकेट
राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर
MOB.NO.
9352910802

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